माँ कुदरगढ़ी देवी

माँ कुदरगढ़ी (बागेश्वरी) देवी धाम, सूरजपुर

आरती

आरती माँ कुदरगढ़ी जी की

जय कुदरगढ़ी माता, जय वन दुर्गा माता।
तुमकों जो जन ध्यावत, इच्छित फल पाता ।। जय ।।

पान सुपारी लाल ध्वाजा ले, शक्ति पीठ आता।
नंगे पैरों चलकर, सीढ़ीयां चढ़ जाता ।। जय ।।

त्रिगुण ब्रम्ह अरू देवा, शरण तेरी आता।
देवगन सब तेरी चवर डुलावे, हर कोई सुख पाता गाता ।। जय ।।

काली, लक्ष्मी, सरस्वती तू ही जग माता ।
पंच लोक दिगपात है ध्यावत, बालन्द जस गाता ।। जय ।।

बागेश्वरी के रूप निरंजक, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, सर्व सिद्धि पाता ।। जय ।।

रणचण्डी बन दुख तू हरती, भक्त शरण माता।
तीन लोक चौदह भुवनों की, आदिशक्ति माता ।। जय ।।

बावन शक्ति पीठ की, तू है जनम दाता।
नवदुर्गा तो रूप निहारा, सफल सिद्धि पाता ।। जय ।।

बांझ पुत्र को निर्धन धन को, मन से जो ध्याता।
झोली सबकी भरने वाली, बिगड़ी बन जाता ।। जय ।।

एक बार भी जो नर, चरणों में आता,
भव बन्धन से मुक्ति, परमगति पाता ।। जय ।।

आरती कुदरगढ़ी की, जो जन नित गाता।
भूमिनाथ वही सहज में सब कुछ है पाता ।। जय ।।